बिहू पर निबन्ध | Essay for Kids on Bihu in Hindi!

1. भूमिका:

मौसम (Weathers) तथा ऋतुओं के बदलने से मनुष्य का मन भी बदलता है । भारत में इसी कारण अलग-अलग ऋतु में भिन्न प्रकार (Different kinds) के त्योहार (Festival) मनाने की परम्परा है । अलग-अलग क्षेत्रों (Regions) में प्रकृति के कारण त्योहारों के स्वरूप में भी भिन्नता पायी जाती है ।

असम में मनाया जाने वाला ऐसा ही एक अनूठा त्योहार है बिहू । बिहू मनाने के कारण का ठीक-ठीक पता चलना यद्यपि कठिन है किन्तु फसली त्योहार (Festival) होने के कारण बिहू को वर्ष भर की तीनों फसलों से जुड़ा माना जाता है ।

2. कारण:

बिहू शब्द को बिषुव अर्थात् बिच्छू (Scorpion) शब्द से भी जुड़ा हुआ माना जाता है । यह पर्व मकर संक्रांति से आरम्भ होता है जब सूर्य पृथ्वी की मकर रेखा के सामने होता है । बिहू मनाने का कारण चाहे जो भी हो, इतना तो सत्य है कि तीन अलग-अलग बहुओं तथा भिन्न प्रकार की आर्थिक (Economic) अवस्थाओं के अनुसार ही असम में तीन प्रकार से बिहू मनाया जाता है ।

3. स्वरूप:

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बहाग बिहू या रंगाली बिहू का आयोजन असमीया वर्ष के आरम्भ अर्थात् वर्ष के प्रथम महीने बैसाख में किया जाता है । शिशिर ऋतु (Autumn Season) में जो पेड़ अपने पुराने पत्ते छोड़ चुके होते हैं, वे वसंत ऋतु (Spring Season) में नये पत्ते धारण करने लगते हैं ।

खेत-खलिहान अन्न (Cereals) से भर जाते हैं, बरदैसिला यानी बसंती हवा पेडू-पौधों, फूलों, पशु-पक्षियों और नर-नारियों के मन में आनन्द की लहरें पैदा कर देती हैं । लोग नये-नये वस्त्र पहनते हैं, ढोल और पेंपा की ताल पर नाचते-गाते हैं और तरह-तरह के पकवान खाते हैं । रंगाली बिहू सबसे अधिक उत्साहजनक (Encouraging) बिहू होता है ।

इसके बाद कार्तिक महीने में कंगाली बिहू का आयोजन होता है, जिसमें ईश्वर से सुख-समृद्धि (Prosperity) की प्रार्थना की जाती है । इस बिहू में किसी तरह का बड़ा आयोजन नहीं किया जाता, क्योंकि इस मौसम में अधिकांश फसल खेतों में ही लगी होती है ।

इसके पश्चात् मकर-संक्रांति अर्थात् माघ के महीने में आता है भोगाली बिहू । इस अवसर पर लोग नाचते-गाते हैं, तरह-तरह के व्यंजन खाते हैं तथा मेजि (विशेष प्रकार की झोपड़ी) जलाते हैं ।

4. उपसंहार:

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तीनों प्रकार के बिहुओं का सांस्कृतिक (Cultural), सामाजिक (Social) तथा आर्थिक (Economic) महत्त्व है । बिहू असम के लोगों की भावना (Feeling) से जुड़ा हुआ पव, है और असम की एकता का प्रतीक (Symbol) है ।

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