Archive | Lord Hanuman

सुग्रीव पर लक्ष्मण का क्रोध | Laxman’s Anger on Sugrib in Hindi

सुग्रीव पर लक्ष्मण का क्रोध | Laxman’s Anger on Sugrib in Hindi! एक दिन श्रीरामचंद्र जी ने अपने भाई लक्ष्मण से कहा, ''लक्ष्मण! वर्षा ऋतु बीत गई । सभी जलाशयों के जल स्वच्छ हो गए । वन और पर्वतों पर पक्षियों के कलरव गूंजने लगे हैं । परंतु वानरों के राजा सुग्रीव ने हमारा तिरस्कार कर दिया है । यद्यपि [...]

By |2016-01-19T06:36:40+05:30January 19, 2016|Lord Hanuman|Comments Off on सुग्रीव पर लक्ष्मण का क्रोध | Laxman’s Anger on Sugrib in Hindi

हनुमान और सुग्रीव की मित्रता | Friendship Between Hanuman and Sugrib

हनुमान और सुग्रीव की मित्रता | Friendship Between Hanuman and Sugrib! ऋष्यमूक पर्वत पर सुग्रीव ने वानरराज केसरी और उनके पुत्र हनुमान का हार्दिक स्वागत किया । केसरी ने अपने पुत्र हनुमान को उसकी सेवा में छोड़ने के लिए कहा तो सुग्रीव हर्षित हो उठा और उसने सहर्ष हनुमान को अपने साथ मित्र रूप में रखने का प्रस्ताव स्वीकार कर [...]

By |2016-01-19T06:36:40+05:30January 19, 2016|Lord Hanuman|Comments Off on हनुमान और सुग्रीव की मित्रता | Friendship Between Hanuman and Sugrib

अशोक वाटिका में हनुमान | Shree Hanuman in Ashok Vatika in Hindi

अशोक वाटिका में हनुमान | Shree Hanuman in Ashok Vatika in Hindi! विभीषण द्वारा दिए संकेत के अनुसार हनुमान जी अशोक वाटिका की चारदीवारी के पास जा पहुंचे । वहाँ भयानक और सशस्त्र राक्षसों का पहरा था । उन से बचने के लिए हनुमान जी ने एक छोटे वानर का रूप बनाया और कूदकर चारदीवारी पर चढ़ गए । किसी [...]

By |2016-01-19T06:36:40+05:30January 19, 2016|Lord Hanuman|Comments Off on अशोक वाटिका में हनुमान | Shree Hanuman in Ashok Vatika in Hindi
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